विस्तृत परिचय
आज के समय में ब्राह्मण समाज की स्थिति को देखते हैं तो संपन्नता के साथ-साथ बहुतायत परिवारों में आर्थिक तंगी व बेरोजगारी भी है। उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद भी यदि कोई मुकाम हासिल नहीं होता है, तो बच्चों का भविष्य खतरे में रहता है।
विशेषकर वे परिवार जो अल्प खेती, मजदूरी या कम वेतन वाली निजी नौकरियों पर आधारित हैं, उनके लिए आने वाला समय कठिन है। हुनर के अभाव में युवा 12-12 घंटे काम करके भी मात्र 10-12 हजार मासिक पर निर्भर हैं।
हमारा लक्ष्य:
- पीड़ित परिवार को तत्कालीन आर्थिक मदद और बच्चों की माँ को स्वरोजगार प्रदान करना।
- समाज के संपन्न वर्ग और मध्यम वर्ग के बीच एक ठोस रणनीतिक सेतु बनाना।
- सामूहिक रूप से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाना ताकि हर ब्राह्मण को अपने समाज पर गर्व हो।